Author name: kantaprasad.on@gmail.com

Hey i am kamta prasad born in 1985 . I belong to India . I will explain to you people about Tantra Mantra . My hobbies are writing, reading, listening and explaining to people . I hope you guy are supporting me . I am very thankful to everyone .

Uncategorized

तंत्र विद्या के प्रकार पर अलग-अलग ग्रंथों और परंपराओं में थोड़ा भेद मिलता है, लेकिन सामान्य रूप से तंत्र विद्या को मुख्यतः 3 या 5 भागों में समझाया जाता है।

1️⃣ तंत्र विद्या के 3 मुख्य प्रकार1 सात्त्विक तंत्रदेव साधना, आत्मशुद्धि, ज्ञान और मोक्ष से जुड़ादेवी-देवताओं की उपासनाइसे श्रेष्ठ और […]

Uncategorized

मंत्र मुख्य रूप से कई प्रकार के माने जाते हैं। शास्त्रों में अलग-अलग आधार पर उनका वर्गीकरण किया गया है। सरल रूप में प्रमुख प्रकार इस प्रकार हैं :

1वेदिक मंत्रजो वेदों से लिए गए हैं। ये शुद्ध, सात्त्विक और सार्वभौमिक माने जाते हैं।उदाहरण: गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र2 तांत्रिक

Uncategorized

तंत्र विद्या को परंपरागत ग्रंथों और आचार्यों ने अलग-अलग प्रकारों में विभाजित किया है। सामान्यतः इसे निम्न रूपों में समझा जाता है :

शुद्ध, सात्त्विक और आध्यात्मिक मार्ग देवोपासना, मंत्र-जप, ध्यान, योग पर आधारित उद्देश्य: आत्मशुद्धि और मोक्ष शक्ति-उपासना से जुड़ा गृहस्थ जीवन

Scroll to Top
Verified by MonsterInsights